Lives Urs ज़िन्दगी
Wednesday, 25 April 2012
मंज़िले
मैं अपना रास्ता खुद बनाता चला गया,
मगर मंजिले किसी और ने बनायीं,
अब खुद मंजिल बना रहा हूँ .....
Monday, 23 April 2012
अपनी ज़िन्दगी
अपनी ज़िन्दगी को जीने दो,
कुछ फूलो को खिल जाने दो,
पता नहीं आंधी कब आ जाये,
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)